साध्वी प्रज्ञा के बयान पर बोलने से बचते नजर आए सिंधियाः दिग्विजय


विशेष संवाददाता
भोपाल। मध्य प्रदेश की सबसे हाईप्रोफाइल लोकसभा सीट पर देशभर की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि यहां से कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री और अपने दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह को मैदान में उतारा है। भाजपा ने हिन्दुवादी चेहरे साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर पर दांव खेला है। अब दोनों ही उम्मीदवार अपने प्रचार प्रसार में जुटे हैं। इसी बीच साध्वी प्रज्ञा सिंह ने 26/11 हमले में शहीद हुए हेमंत करकरे को लेकर एक बयान दिया, जिस पर शुक्रवार को दिग्विजय सिंह के साथ-साथ ज्योतिरादित्य सिंधिया भी प्रतिक्रिया देने से बचते नजर आए। दरअसल, मालेगांव ब्लास्ट के आरोपों में जेल की हवा खाने के बाद दोषमुक्त हो चुकी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने गुरुवार को प्रेस कान्फ्रेंस में आपबीती मीडिया के सामने पेश की थी। उन्होंने कहा कि उन्हें जेल पहुंचाने में दिग्विजय सिंह और एटीएस चीफ रहे हेमंत करकरे की मिलीभगत थी। जेल के दौरान उन्हें इतना प्रताडि़त किया गया कि आज भी वे चलने-फिरने में असमर्थ हैं। प्रज्ञा ने आरोप लगाया, हेमंत करकरे ने मेरे साथ काफी गलत तरीके से व्यवहार किया था और गलत तरीके से फंसाया था। जांच आयुक्त के सदस्यों ने हेमंत करकरे को बुलाया था और कहा था कि जब प्रज्ञा के खिलाफ कोई सबूत नहीं है तो उसे जाने दो। सबूत के अभाव में उन्हें रखना गैर कानूनी है लेकिन हेमंत बोला कुछ भी हो जाए, मैं कहीं से भी सबूत लेकर आऊंगा। हेमंत करकरे मुझसे बोला था कि क्या सबूत लेने मुझे भगवान के पास जाना पड़ेगा, तो मैंने कहा कि आवश्यकता हो तो चले जाओ…। तेरा सर्वनाश होगा। उसके बाद हेमंत करकरे की ही मौत हो गई। साध्वी प्रज्ञा ने आतंकियों से लड़ते हुए अपनी जान गंवाने वाले हेमंत करकरे को शहीद कहने से भी इनकार कर दिया था। सोशल मीडिया पर शुक्रवार को जब साध्वी प्रज्ञा सिंह का प्रेस वार्ता का वीडियो वायरल हुआ तो मीडिया ने दिग्विजय से प्रतिक्रिया लेनी चाही लेकिन वे इस पर बोलने से बचते नजर आए। हालांकि, उन्होंने यह जरूर कहा कि मुम्बई में हुए आतंकी हमले में हेमंत करकरे शहीद हुए हैं। शहीद की शहादत पर उन्हें गर्व है। मैं अपोजिट कैडिंडेट पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा। शुक्रवार को ज्योतिरादित्य सिंधिया गुना-शिवपुरी में अपने प्रचार पर पहुंचे, जहां मीडिया ने उनसे साध्वी प्रज्ञा के बयान पर उनकी प्रतिक्रिया जाननी चाही लेकिन वे इस पर कुछ नहीं बोले और दिग्विजय सिंह का दावा कर दिया। सिंधिया ने कहा कि यह कोई धर्म युद्ध नहीं है बल्कि भारत की दो विचारधाराओं का युद्ध है। एक तरफ मुट्ठी भर सूट बूट वाले लोग हैं तो दूसरी तरफ जनता की विचारधारा वाले लोग हैं लेकिन जीत प्रजातंत्र की होगी। भोपाल से दिग्विजय सिंह ही जीतेंगे।


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