सांसद महबूब अली के यहां हिन्दू को नही दी जाती तरजीह


मो.अनस सिद्दीक़ी
नई दिल्ली। देश मे नफरत की आंधी में अब तथाकथित सेक्युलर्जिम के अलम्बरदार भी अछूते नहीं है। बिहार के खगड़िया से सांसद चौधरी महबूब अली केसर ने सांसद प्रतिनिधि के तौर पर एक हिन्दू व्यक्ति को प्रतिनिधि रखा था। लेकिन नफरत की बयार ने सांसद महोदय के परिजनो को अपनी जद में ले लिया।
सूत्रो से मिली खबर के मुताबिक सांसद महोदय का बेटा, पत्नी और उन्ही का अनपढ़ मुस्लिम स्टाफ ने इसलिए मनमुटाव शुरू कर दिया कि तुमने एक हिन्दू को अपना प्रतिनिधि क्यों बनाया है। जबकि सांसद महोदय अपने प्रतिनिधि के नियुक्त करने की सूचना एक अगस्त 2019 को तमाम जगहों पर दे चुके थे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ज़िला खगड़िया के पदाधिकारियों को सूचना देते हुए सांसद चौधरी महबूब अली केसर ने एक अगस्त 2019 को राकेश कुमार सिंह पुत्र श्री प्रमोद कुमार सिंह निवासी वार्ड 23, जयप्रकाश नगर, खगड़िया, मोबाइल नम्बर 7909059261 को खगड़िया, लोकसभा क्षेत्र का अपना सांसद प्रतिनिधि नियुक्त करने और अपनी अनुपस्थिति में प्रतिनिधि के रूप में कार्य करने और बैठकों में सम्मिलित होने के लिए अधिकृत करने का पत्र जारी किया था। जैसे ही सांसद चौधरी महबूब अली केसर के परिजनों को इसकी सूचना मिली तो उनका घर मे क्लेश शुरू हो गया। आनन फानन में अपने को बेटा, पत्नी और मुस्लिम स्टाफ के सामने घर मे फंसता देख उन्होंने नियुक्ति के 24 घन्टे बाद ही राकेश कुमार सिंह को हटाने का पत्र जारी कर दिया।
सूत्रों के अनुसार पहले भी चौधरी महबूब अली केसर का आशुतोष नाम का व्यक्ति निजी सचिव था। उसको भी महबूब अली केसर ने बेटा और मुस्लिम स्टाफ के दबाव के चलते हटा दिया था। उसके बाद महबूब अली केसर ने अपने परिजनों के सामने फिर हिम्मत की और कृष्ण गोपाल नाम के व्यक्ति को अपना निजी सचिव रखा। जो कि वर्ष 2007 से उनका मित्र था, लेकिन परिजनों के सामने फिर हिम्मत हार गए और कृष्ण गोपाल कुछ मुस्लिम अनपढ़ स्टाफ की क्षेत्रीय लोगों के साथ लूट खसोट का विरोध करने कारण कृष्ण गोपाल ने भी छोड़ दिया।
सूत्रों का कहना है कि खगड़िया लोकसभा सीट मुस्लिम बाहुल्य नहीं थी। अधिकतर मुसलमानों ने तो महबूब अली केसर को वोट देने से इंकार कर दिया था। अधिकतर मुस्लिम मतदाताओं ने दो टूक जवाब दिया था कि महबूब अली केसर भाजपा समर्थित उम्मीदवार है। इसलिए मुसलमान वोट नहीं देगा। खगड़िया लोकसभा सीट हिन्दू बाहुल्य है। लेकिन भाजपा और मोदी जी विकास के नाम पर हिन्दुओं ने जमकर महबूब अली केसर को वोट देकर विजयी बनाया।
उस विजय के फलस्वरूप महबूब अली ने राकेश कुमार सिंह को पहले अपना प्रतिनिधि नियुक्त किया और फिर वही पुरानी आदत के मुताबिक परिजनों के आगे विवश होकर 24 घन्टे बाद ही राकेश कुमार सिंह को हटाने का पत्र जारी कर दिया। इस के बाद से क्षेत्र में हिन्दू मतदाताओं के बीच काफी रोष है। लेकिन बेचारे चौधरी महबूब अली केसर अपने परिजनों के हाथों मजबूर है और उनकी बैक फुट पर आने की आदत सी पड़ गई है!
वहीं दूसरी ओर सांसद चौधरी महबूब अली केसर अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी के रूप में अपने नौसिखिया, उन्मादी बेटे को विधायक बनाना चाहते हैं। उसको आगामी चुनाव मैदान में उतारने की सोच रहे हैं। हालांकि खगड़िया लोकसभा क्षेत्र में हिंदु मतदाता  केसर के परिजनों की सोच एवं कृत्य पर हैरान व परेशान है। सूत्रों की माने तो खगड़िया लोकसभा क्षेत्र में सांसद महबूब के बेटे को विधानसभा चुनाव में हिंदु वोट आशाओं के अनुरूप न मिले और फलस्वरूप बेटे का राजनीति में कदम अशुभ साबित हो चुका है।
इस बाबत सांसद चौधरी महबूब अली केसर से बात करने का प्रयास किया लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।

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