संगम विहार की जनता त्रस्त, MLA दिनेश मोहनिया मस्त


एंटी करप्शन फोरम के अध्यक्ष कृष्ण गोपाल ने विधायक को दी चेतावनी
कार्यालय संवाददाता
नई दिल्ली। दक्षिण दिल्ली के संगम विहार विधानसभा के अंतर्गत आने वाली कॉलोनी संगम विहार बारिश के पानी और नालियों का गन्दा पानी सड़क पर त्राहि-त्राहि मचाए हुए हैं और विधायक हैं कि अपने मियां मिट्ठू बनने से बाज नहीं आ रहे। हर रोज जनता को गुमराह करने वाले लोकलुभावन नारे/ जुमला जो दिल्ली सरकार के आईटी सेल द्वारा तैयार किए जाते हैं को प्रसारित कर जनता को गुमराह करने में लगे हुए हैं। 28 जुलाई को संगम विहार के एफ-1, ब्लॉक में  विधायक दिनेश मोहनिया ने सिक्योरिटी गेट का उद्घाटन किया था। इस मौके पर विधायक मोहनिया ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि जो भी लोग अपनी गलियों में गेट या सीसीटीवी कैमरा लगवाना चाहते हैं, वह 9266677708 पर अपना नाम और पता व्हाट्सएप करें। अब सवाल यह उठता है कि लोगों को मूलभूत सुविधाएं पीने का साफ पानी पक्की और अच्छी सड़कें, पक्की नालियां और बिजली जैसी सुविधा चाहिए लेकिन दिनेश मोहनिया इन सुविधाओं को जनता के बीच लाने के बजाय केवल नारियल फोड़-फोड़कर केवल वाहवाही लूटने में लगे हुए हैं।
एंटी करप्शन फोरम के राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्ण गोपाल ने विधायक को आड़े हाथों लेते हुए कहा की विधायक जनता के बीच जाते ही नहीं है। विधायक ने तो क्षेत्र में अपना कार्यालय बनाने के बजाय अम्बेडकर नगर के अंतर्गत अपना कार्यालय और आवास बनाया हुआ है। विधायक की मंशा नहीं है उनके क्षेत्र के लोगों को सुविधा मिले।
पिछले काफी समय से आम आदमी पार्टी में कार्यरत आईटी सेल के द्वारा समय-समय पर जो भी जुमले नारे दिए जाते हैं उन्ही को विधायक अपने फेसबुक पेज पर अपलोड कर देते है। दिनेश मोहनिया ने अपने फेसबुक पेज पर अपलोड किया है कि सीसीटीवी, मोहल्ला क्लीनिकज़ नए स्कूल, राशन की डोर स्टेप डिलीवरी, मुफ्त बिजली, मुफ्त पानी और सिग्नेचर ब्रिज दिल्ली सरकार ने दिल्ली वासियों को दिए हैं।
एंटी करप्शन फोरम के राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्ण गोपाल ने बताया कि विधायक जी संगम बिहारवासियों को सोनिया विहार का पीने का पानी, पक्की नालियां और पक्की सड़कें दे दें। ताकि स्कूल कें बच्चे बीमार न पड़े और वह शिक्षा हासिल कर सकें। कृष्ण गोपाल ने विधायक दिनेश मोहनिया को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि संगम विहार के लोगों को पीने का पानी, पक्की नालियां और पक्की सड़को की सुविधा मुहैय्या नहीं कराई तो मजबूरन धरना-प्रदर्शन और अदालत की शरण लेनी पड़ेगी।

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