शिक्षा विभाग के अधिकारियों की उदासीनता के चलते ईदगाह स्थित स्कूल संकट में


नई दिल्ली (वेबवार्ता/मो.अनस सिद्दीक़ी)। दिल्ली सरकार के सैया में आया है की स्थिति इलाके में मुस्लिम बहुल क्षेत्र होने के बावजूद शिक्षा संस्थान का भाव है जिसके चलते दिल्ली सरकार ने उसमें हस्तक्षेप किया और मामले को आगे बढ़ाते हुए उपराज्यपाल को स्कूल के लिए जगह देने का निवेदन किया जिस पर मामला काफी दिन तक पालनपुर रहा बाद में क्षेत्रीय लोगों के हस्तक्षेप के बाद मामला दिल्ली उच्च न्यायालय पहुंचा दिल्ली उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप से दीदी को जगह आवंटित करने का निर्देश दिया गया गौरतलब है कि 16000 स्क्वायर मीटर जगह खाली पड़ी है दिल्ली उच्च न्यायालय ने डीजे को आदेश पारित किया उपरोक्त भूमि में से तकरीबन 4000 स्क्वायर मीटर जगह स्कूल के लिए आवंटित कर दी जाए मामला उस समय संगीन हो गया जब वहां पर अन्य लोगों के द्वारा पार्किंग चलाए जाने का मामला प्रकाश में आया और उन्होंने कहा उपरोक्त सीनियर सेकेंडरी स्कूल नाचे बनाकर बल्कि वहां पर सेकेंडरी स्कूल स्थापित किया जाए 11 वीं एवं 12 वीं कक्षा के लिए निकट के स्कूल में प्रवेश दिया जाए इस काम में 16 स्क्वायर मीटर से स्कूल बनाया जा सकता है शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने वहां जाकर स्कूल के बुनियादी मकसद से ही मामले को अलग-थलग करने का एक नया प्रयास किया जब मामला शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया के संज्ञान में आया तो उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को लगाई और कहा कि स्कूल सीनियर सेकेंडरी ही बनेगा और उसमें 4000 वर्ग मीटर जो अदालत ने आदेश दिया है उसका पालन करते हुए काम को अंजाम दिया जाएगा लेकिन मुख्य सचिव इस मामले में राजनीति करवाने में मशगूल हैं बताया जाता है कि ईदगाह 16 स्क्वायर मीटर जगह पर विपक्षी दल के नेता विजेंद्र गुप्ता के साले आशा पत्नी के भाई वहां पर पार्किंग संचालन कर रहे हैं पार्किंग में कहीं दिक्कत ना हो इसलिए वह लोग स्कूल के मामले को टालना चाहते हैं उल्लेखनीय है कि इस स्कूल में शिक्षा ग्रहण करने वाले अधिकांश बच्चे दलित एवं अल्पसंख्यक वर्ग से आने की संभावना है क्योंकि यह क्षेत्र दलित एवं मुस्लिम बहुल है और विपक्षी पार्टी के लोग नहीं चाहते की इनके बच्चे उच्च शिक्षा प्राप्त करें या वह एक अच्छे और बेहतर नागरिक साबित हो दिल्ली सरकार के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि हम इस मामले में अदालत में न्याय की गुहार लगाएंगे और वहां पर स्कूल का ही निर्माण किया जाएगा जिसके लिए दिल्ली उच्च न्यायालय ने डीडीयू डीजे को डीडीए को 4000 वर्ग मीटर जगह देने के लिए निर्देशित किया हुआ है शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने एक सवाल के जवाब में कहा चेन्नई मास्टर प्लान डेवलपमेंट में प्रावधान है कि एक सीनियर सेकेंडरी स्कूल चलाने के लिए न्यूनतम भूमि 4000 स्क्वायर मीटर होनी चाहिए इसलिए सरकार की मंशा है कि क्षेत्र के लोगों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके और 16 स्क्वायर मीटर जगन्नाथ बल्कि 4000 वर्ग मीटर की जगह दी जाए।


Categories: शिक्षा

Leave A Reply

Your email address will not be published.