योगी राज में आधुनिक मदरसों के शिक्षक भुखमरी के कगार पर


शिक्षक दिवस पर दिल्ली जन्तर मन्तर पर मदरसा अध्यापकों का धरना -प्रदर्शन

अनवार अहमद नूर

नई दिल्ली। आज शिक्षक दिवस पर नई दिल्ली संसद भवन के निकट जंतर मंतर पर शिक्षकों ने अपनी अपनी मांगो को लेकर धरना -प्रदर्शन एवं जोरदार नारेबाजी की, राजधानी दिल्ली के शिक्षकों से लेकर उत्तर प्रदेश के विभिन्न शिक्षक यहां पर बड़ी संख्या में आए और उन्होंने अपने साथ हो रहे अन्याय, अत्याचार की अपनी बातें सब को बताते हुए देश की व्यवस्था, सरकार को जमकर खरी खोटी सुनाई. इस संबंध में विशेष बात यह रही कि उत्तर प्रदेश के वह शिक्षक भी यहां आज बड़ी संख्या में आए जो मदरसों में सरकारी योजना के तहत वर्षों से आधुनिक विषय पढ़ा रहे हैं और आधुनिकीकरण शिक्षक कहलाते हैं, इनमें मुस्लिम ही नहीं बल्कि हिन्दू मदरसा अध्यापक भी थे इन्होंने साफ-साफ बताया कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और केंद्र की मोदी सरकार मुस्लिमों या मदरसों के संबंध से कुछ भी कहे लेकिन इनकी नियत खराब है जिसका प्रमाण यह है की उनको कई वर्षों से उनका मानदेय टाइप वेतन नहीं दिया गया है जिसके कारण उनके परिवार भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं इस्लामिक मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षक संघ ऑफ इंडिया, मदरसा आधुनिक टीचर्स सहित अनेक संगठनों के बैनर तले उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों ,कस्बो से आए इन शिक्षकों में जिनमें मुस्लिम महिलाएं भी बड़ी संख्या में मौजूद थीं ने यहां पर प्रदर्शन के दौरान बताया कि 30 महीने का पैसा सरकार ने नहीं दिया और कभी यू डाइस कोड, कभी पोर्टल, कभी जांच, कभी कोई बहाना, कभी कोई बहाना बनाकर हम मदरसा टीचर्स के साथ बड़ा अन्याय और अत्याचार किया गया है हमारे परिवारों को भुखमरी के कगार पर पहुंचा दिया है हमारे कई शिक्षक साथी आत्महत्या भी कर चुके हैं और अब बाकी मदरसा टीचर्स को उनका मानदेय ना देकर भुखमरी के दहाने पर ला खड़ा किया है संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एजाज अहमद ने बताया कि 30महीनों से केंद्र द्वारा दी जाने वाली राशि नहीं दी गई है और ना ही मदरसों के छात्रों को एनसीईआरटी की किताबें दी जबकि एनसीईआरटी सिलेबस को लागू करते समय सरकार ने बड़े-बड़े वादे किए थे मगर वादा तो कोई भी पूरा नहीं हुआ उल्टे मदरसा शिक्षकों के परिवारों को भुखमरी के कगार पर पहुंचा दिया गया है, उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने अपने लोकसभा चुनाव2014 के चुनावी एजेंडे में भी मदरसों के आधुनिकीकरण करने का वादा किया था मगर वह वादा अब तक पूरा नहीं हुआ इसके विपरीत टीचर्स का मानदेय रोक लिया गया है यह सरासर अन्याय और अत्याचार है यहां पर कई वक्ताओं ने कहा कि सरकार को समय रहते अपनी कमी और अधूरे वादों को पूरा कर लेना चाहिए सुधार कर लेना चाहिए अधिकांश वक्ताओं की मांग थी कि उनका बकाया मानदेय सरकार को तुरंत देना चाहिए. इस अवसर पर एक ज्ञापन पत्र माननीय राष्ट्रपति महोदय और प्रधानमंत्री महोदय और मानव संसाधन मंत्री को भी प्रेषित किया गया, जिसमें मांगे रखी गई कि मदरसा आधुनिकीकरण योजना में कार्यरत उत्तर प्रदेश के आधुनिकीकरण शिक्षकों का 30माह का बकाया मानदेय तत्काल दिलाया जाए रिवाइज्ड स्कीम SPEMM में पुराने शिक्षकों को कांटीनियू करने का आदेश जारी किया जाए, रिवाइज स्कीम SPEMM में आधुनिकीकरण शिक्षकों का मानदेय बढ़ाया जाए तथा 2270 लाट के लंबित प्रस्तावों को पास किया जाए, शिक्षामित्रों की तर्ज पर दशकों से मदरसों में सरकार की योजना में कार्यरत योग्य आधुनिकीकरण शिक्षकों को प्राइमरी शिक्षक भर्ती काउंसलिंग में हिस्सा लेने का अवसर दिया जाए।

इस धरना –प्रदर्शन में झांसी के मोहम्मद तबरेज़ खान ,रमज़ान खान , नवाब हुसैन,  मोहम्मद आरिफ , तसव्वुर हुसैन , नवाजिश अली , मोहम्मद अहमद, मौ .आबिद , चमन कमाल , रुखसार बेगम जर्रार हुसैन , महताब अली, सुंदर सिंह , नुरुल हसन , फहीम अंसारी , सरवरे आलम,  सरफुद्दीन , इक़बाल अहमद , रमज़ान अली , नौशाद अंसारी , नाज़िम सहित ज़िला बिजनौर के शिक्षक नज़ाकत अली [क्म्भौर ] कमरुद्दीन अंसारी , वारिस, नसीम अहमद, शाहिद, सलीम जावेद , मोहम्मद शाकिर आलम , नईम , मेराज, अकील हुसैन , चमन सिंह , नजाकत [चांदपुर ] रामवीर सिंह, कलीम आरफी, असलम खान आदि सैकड़ों आधुनिक शिक्षकों ने भाग लिया।


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