मजीठिया वेज बोर्ड का कर्मचारी को  लाभ ना देने पर डीबी कार्प का बैंक खाता सीज


शशिकांत

नई दिल्ली। जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड मामले में एक बड़ी खबर चंडीगढ़ से आरही है । यहां मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिश का लाभ एक कर्मचारी को ना देने पर चंडीगढ़ के नायब सदर कानूनगो ने डीबी कार्प का बैंक खाता सीज कर दिया। मजीठिया वेज बोर्ड मामले में यह पहली बार हुआ है जब बकाया ना देने पर किसी अखबार कंपनी का बैंक खाता सीज हुआ है।

सूत्र बताते हैं कि दैनिक भाष्कर के फिरोजपुर के व्युरोचीफ राजेन्द्र मल्होत्रा ने फिरोजपुर में ही जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड के अनुसार अपने 24 लाख रुपये बकाये और 13 लाख रुपये ब्याज कुल मिलाकर 37 लाख रुपये की वसुली के लिये कामगार कार्यालय में क्लेम लगाया था जिसमें उनके दावे को सही ठहराया गया और डीबी कार्प को उनका बकाया देने का निर्देश दिया गया। इस बारे में एक नोटिस भी डी बी कार्प को जारी किया गया था मगर जब कंपनी ने यह रकम नहीं दी तो उसके कार्यालय को सील करने की प्रक्रिया शुरु की गयी। राजेन्द्र मल्होत्रा ने इस बारे में नायब सदर कानूनगो फिरोजपुर श्री बलविंदर सिंह धारीवाल को एक पत्र लिखा और उनसे निवेदन किया कि डीबी कार्प का चंडीगढ़ का बैंक खाता सीज कराया जाए। क्योकि डीबी कार्प का फिरोजपुर में कोई बैंक खाता नहीं था। उसके बाद नायब सदर कानूनगो फिरोजपुर ने चंडीगढ़ के नायब सदर कानूनगो को एक पत्र लिखा और निवेदन किया कि क्लेमकर्ता की बकाया राशि का भुगतान कंपनी नहीं कर रही है। ये रिकवरी रेवेन्यू एक्ट के तहत है इसलिये डीबी कार्प लिमिटेड के चंडीगढ़ सेक्टर १७ का आईडीबीआई बैंक का खाता सीज किया जाए। जिसके बाद डीबी कार्प का चंडीगढ़ का आईडीबीआई का बैंक खाता सीज कर दिया गया। इस कारवाई से अखबार मालिकों में जहां हड़कंप है वहीं मजीठिया क्रांतिकारियों में खुशी की लहर है।


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