भड़ास पर भड़ास निकाल रही है रैप की शिकार महिला


नई दिल्ली। 20 अक्टूबर 2018 को भड़ास के माध्यम से सूरत की एक महिला ने दिल्ली से प्रकाशित होने वाले अखबार नवोदय टाइम्स के एक पत्रकार रोहित राय के खिलाफ अहमदाबाद में यौन शोषण और ठगी के आरोप लगाते हुए अपनी आपबीती लोगो के सामने रखी थी।

महिला का आरोप था कि रोहित राय ने उसका शारीरक, आर्थिक एवं सामाजिक रूप से भरपूर शोषण किया। पीड़िता का कहना था कि रोहित ने फेसबुक के माध्यम से उससे संपर्क किया था। पहले पति से तलाक करवाया और फिर शादी का वादा कर यौन शोषण करता रहा। यह भी आरोप था कि रोहित अपनी पत्रकारिता का धौंस दिखा कर उसको प्रताड़ित कर रहा था।

रोहित पीड़िता के खर्चे पर भारत भ्रमण करता रहा। वह पीड़ित महिला को होटलों में पत्नी बनाकर रखता था और शारीरिक शोषण करता था। शादी करने का झांसा देकर महिला से खूब पैसे भी ऐंठे। रोहित को महिला ने अपने बैंक एकाउंट के जरिए 1,30,000 रुपये ट्रांसफर किए। बाद में रोहित ने शादी से इनकार कर महिला को उसके हाल पर छोड़ दिया। आगे की कहानी आप यहाँ पढ़ सकते हैं – https://www.bhadas4media.com/rohit-par-yaun-shoshan-ka-aarop/

इस खबर के तीन दिन बाद यानि 23 अक्टूबर 2018 को रोहित राय ने भी भड़ास के माध्यम से अपना पक्ष रखा और पीड़ित महिला पर ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाया। आप एक-एक कर रोहित के सारे आरोप यहाँ पढ़ सकते हैं – https://www.bhadas4media.com/rohit-ne-rakha-apna-paksh/

जैसा कि पीड़ित महिला ने वॉइस ऑफ पॉलिटिक्स को फ़ोन पर बताया कि रोहित की झूठी कहानी पढ़ने के बाद पीड़िता ने एक बार फिर अपना पक्ष रखने के लिए भड़ास के संस्थापक और संपादक यशवंत सिंह सेे संपर्क किया लेकिन अब यशवंत ने जवाब देेंना बंद कर दिया है। पीड़िता के अनुसार यशवंत ऐसा इसलिए कर रहे हैं क्योंकि “भड़ासवाले सब रोहित राय के बेस्ट फ्रेंड हैं.” “कुछ दिन पहले तक खुद यशवंत ही मेरी इस कहानी के लिए सामने से अप्प्रोच कर रहे थे लेकिन अब उन्होंने ‘भाग जाओ पतली गली से’, ‘तुम जैसों से भड़ास नहीं चलता है’, ‘और डिस्टर्ब न करो’ कहना शुरू कर दिया है।
पीड़िता आगे क्या कहना चाहती है जो यशवंत सिंह ने भड़ास पर पब्लिश नहीं किया, आप यहाँ पढ़िए:
रोहित राय और उसकी माँ ने साजिश रच कर षडयंत्र के तहत  एफआईआर संख्या 73/2018 उच्च न्यायालय से रद्द करवा दी और खुद को शरीफ साबित करने के लिए मेरे ऊपर झूठे आरोप लगाये हैं। जैसा कि रोहित राय के ने बताया है कि “मुझे (पीड़िता के) मेरे पैसे वापिस मिल गए हैं” ऐसा कही भी माननीय न्यायाधीश के फरमान मे नही लिखा हुआ है।
रोहित राय ने मेरे उपर जो आरोप लगाये हैं उसका खंडन करने के लिए मेरी और रोहित राय की व्हाट्सअप  चैट प्रस्तुत की। इससे साफ पता चलता है कि रोहित राय ने ही मुझसे झूठ बोल कर दोस्ती की। साजिश रच कर मेरी शादी तुडवा दी फिर शादी के बहाने, बैंक लोन के बहाने और खुद का घर चलाने के लिए, राशन इत्यादि बातों के लिए मुझसे लगातार रूपये मांगने लगा। वापिस लौटाने के झूठे वादे कर के अधिक से अधिक नकद और कभी-कभी बैंक के जरिये मुझसे पैसे ऐंठता रहा। मेरा शारीरिक और आर्थिक शोषण करता रहा और एक दिन शादी के लिए मना कर दिया। कहने लगा कि “बैंक लोन की वजह से मेरी आर्थिक परिस्थिति अच्छी नही है और मम्मी भी मना कर रही है।”
रोहित राय द्वारा बार-बार की रुपयों की मांग मुझसे पूरी नही हो रही थी जिस वजह से रोहित मुझसे झगडे करने लगा और सुसाइड करने की बातें बोल कर डराने लगा. और इस तरह फिर से मुझसे पैसे ऐंठेने लगा। इन सब बातों से परेशान होकर मैंने पुलिस में रोहित राय के खिलाफ शिकायत दर्ज कर दी. फिर भी रोहित राय और उसकी माँ पुलिस थाने में हाज़िर नहीं हुए और बहार ही मुझसे माफी मांगने लगे। मुझे झूठी दिलासा दी गई कि मुझे शादी कर के स्वीकार कर लेंगे और मेरे रूपये भी लौटा देंगे। मुझसे 2-3 महीने का समय मांगा।
रोहित राय ने इस दौरान इस बात पर मुझे ट्रैप करने लगा जैसे कि उसकी बहन के नंबर से खुद मेसेज कर के मुझे उसको कोल करने के लिए उकसाना फिर खुद उसकी उसकी माँ का कैश कार्ड है बोल के मुझसे कोल करवाना बार बार फिर सामने से ही मुझे जितने रूपये लौटाने थे उससे ज्यादा रकम बोलना बार बार उसके पास घर चलाने तक के रूपये नही थे और उसके लिए मुझसे रूपये मांगता था तो ऐसी ज्यादा रकम की बार बार की बात बोल के मुझे फसाने का प्रयास किया।
रोहित राय ने कभी प्यार जता कर, कभी गुस्सा कर तो कभी शादी और कभी रूपये लौटने की झूठी बातें बना कर मुझे ट्रैप किया और उसके बाद मुझसे शादी और मेरे पैसे लौटाने से भी मना कर दिया। साथ ही बार-बार झूठ बोल कर और झूठे सबूत बना कर सिविल स्युट फोर इंजक्शन फाइल किया जिसका पता तब चला जब  दिल्ली के पटियाला हाउस के माननीय न्यायाधीश नुपुर गुप्ताजी की अदालत से मुझे नोटिस भेजा गया जो मुझे दिनांक 16/05/18 को शाम को मिला।
इस तरह से अकेली एक महिला समझ कर मुझे मानसिक और आर्थिक तौर पर परेशान करने के लक्ष्य से यह सिविल स्युट फोर इंजक्शन का षड्यंत्र रचा गया। और यहाँ आपको बता दूँ कि रोहित राय के शादी और रूपये लौटाने के झूठे वादों और लडाई-झगडे से तंग होकर 09/05/18 को ही मैंने उसके के खिलाफ FIR दर्ज करवा दी थी।
उसके बाद रोहित राय फरार हो गया। बाद में रोहित राय और उसकी माँ ने मुझसे झूठ बोल कर और मुझे झूठे विश्वास मे लेकर एक षड्यंत्र के तहत 73/2018 नंबर की FIR रद् करवा दी. फिर शादी करने हेतु दिल्ली ले जाने के बहाने और मेरे द्वारा जो सुरत में FIR दर्ज करवाई गई थी उसका बदला लेने की मंशा से उसने मुझे अहमदाबाद बुलाया और वहां मेरे द्वारा बिना शादी के शारीरिक सम्बन्ध बनाने का विरोध करने के बावजूद भी जबरन मेरे साथ बलात्कार किया। उस समय वह बोल रहा था कि “अब हम शादी करने वाले हैं तो फिर क्या दिक्कत है।.”
फिर रोहित राय मुझे शादी के लिए अपने साथ अपने घर ले गया जहां मुझे 3 दिन रखा और मुझसे शादी करने के बदले रूपये मांगने लगा और फिर मैंने मना कर दिया तो मुझे घर से निकाल दिया।
जिस पते के पर रोहित राय के खिलाफ अरेस्ट वारंट निकले हुए हैं वह घर बैंक लोन की वजह से गिरवी है। वह घर के राशन के रूपये भी मुझसे लेता था. वह पिछले 3 महीने फरार रहा , 10 दिन जेल मे रहा। उस दौरान यह जॉबलेस था इसलिए FIR रद्द करवाने के लिए आधी से ज्यादा फीस भी मुझसे ही ली – तो जब इसके पास कुछ है ही नही तो कहाँ से मैं उसको ब्लैकमेल करुँगी?
रोहित राय को दुसरी FIR में 10 दिन के लिए अरेस्ट किया गया था। रोहित राय को एंटीसिपेटरी बेल नही रेग्युलर बेल मिली है और इसके लिए इन लोगो ने षड्यंत्र से मुझसे जो 73/2018 नंबर की FiR रद्द करवाई उसका ग्राउंड लिया।
रोहित राय ने खुद शरीफ होने का मुखौटा लगाया हुआ है। खुद की बड़ी उम्र तक शादी नहीं होने की वजह से वह अपनी शारीरिकभूख मिटाने के लिए और अपनी बैंक लोन भरने के लिए फेसबुक और shaadi.com से ऐसी महिलाओ को टारगेट करता है जो अपने ससुराल में पीडित हों, जिनका तलाक का मुकदमा चल रहा हों और जिनकी शादी के दिन ही शादी तुट गई हों।
रोहित राय एक पत्रकार होने की वजह से यह बात बहुत अच्छे से जानता है कि जो महिला पहले से ही अपनों से, समाज से पीडीत है और जो अपने ही मन से तुट चूकी हैं तो ऐसी महिलाओं को समाज के और बदनामी के डर से कैसे डरा के रखा जा सकता है ताकि वो महिला उसके खिलाफ कोई कदम ना उठा सकें और आसानी से ऐसी महिलाओं का शारीरिक, आर्थिक और मानसिक शोषण किया जा सकें।
तो रोहित राय का यह मुखौटा उतारने मे मझे मदद करिये ताकि कोई और रोहित राय ऐसे षड्यंत्र रच कर किसी मजबूर और बेबस महिला का इस तरह से शारिरीक, आर्थिक और मानसिक शोषण ना कर सके. साथ ही महिलाएं भी मेरी आपबीती से यह सिख लें कि ऐसे किसी भी रोहित राय के झांसे या षड्यंत्र मे फंस कर अपनी जिंदगी नष्ट न करें !
यह लेख पूरी तरह से पीड़ित महिला द्वारा साझा की गई जानकारी के आधार पर पब्लिश किया गया है। यदि पीड़ित महिला, रोहित राय और यशवंत सिंह के बीच और कोई बात हो तो उसके लिए उत्तरदायी नहीं है।

इस बाबत रोहित रॉय और यशवन्त सिंह से सम्पर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।


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