बौद्धिक संपदा अधिकारों में सर्वश्रेष्ठ विधियों के सम्मिलित प्रवर्तन पर सम्मेलन आयोजित


मो. कामरान
नई दिल्ली। बौद्धिक संपदा अधिकार संबंधी अभियोजन, मुकदमों, उद्यम व परिचालन कौशल के लिए मशहूर देश की अग्रणी फुल-सर्विस बौद्धिक संपदा फर्म युनाइटेड आईपीआर ने गुरुवार को बौद्धिक संपदा अधिकारों में सर्वश्रेष्ठ विधियों के सम्मिलित प्रवर्तन के विषय पर एक सम्मेलन का आयोजन किया। यह सम्मेलन पीएचडी चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के सहयोग से आयोजित किया गया। इस सम्मेलन की अध्यक्षता मुख्य अतिथि भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा ने की। इस आयोजन की शोभा बढ़ाने वाले अन्य व्यक्तियों में आईपीएबी के चेयरमैन जस्टिस मनमोहन सिंह, पीएचडी चैम्बर्स के अध्यक्ष राजीव तलवार, आर्थिक अपराध शाखा के एसीपी सुवाशिस चौधरी (आईपीएस), डिप्टी कंट्रोलर पेटेंट्स एंड डिजाइंस एनआर मीणा, सिमबीयोसिस लॉ स्कूल, नोएडा के निदेशक प्रोफेसर सी.जे. रावनडेल, युनाइटेड आईपीआर के पार्टनर सुदर्शन कुमार बंसल शामिल थे। अपने विशेष संबोधन में पूर्व न्यायाधीश दीपक मिश्रा ने कहा कि चनात्मकता, नवोन्मेष और आविष्कार के लिए सम्मिलित प्रवर्तन आवश्यक है और बौद्धिक निगरानी पर बल दिया जाना चाहिए ताकी सही धारक को उसकी रचना का श्रेय मिले और गलत काम करने वाला किसी और के अधिकारों एवं रचनात्मकता का अतिक्रमण न कर सके। विशिष्ट अतिथि आईपीएबी के चेयरमैन जस्टिस मनमोहन सिंह ने अपने संबोधन में भारत में बौद्धिक संपदा अधिकारों के लिए समग्र विधिशास्त्र के प्रवर्तन और विकास पर चर्चा की। देश में बौद्धिक संपदा को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार ने जो कदम उठाए हैं उनके बारे में डिप्टी कंट्रोलर जनरल ऑफ पेटेंट्स एंड डिजाइंस एन आर मीणा ने जानकारी दी। ऑफिस ऑफ कंट्रोलर जनरल ऑफ पेटेंट्स, डिजाइंस एंड ट्रेड मार्क ने इस विषय पर विकास एवं प्रवर्तन के संबंध में प्रमुख प्रगतियों के बारे में उन्होंने बताया। यह कार्यालय जनता को नकली चीजों एवं आईपीआर प्रवर्तन प्रणाली के बारे में जागरुक करने के लिए काम कर रहा है।


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