धोबी का कुत्ता घर का न घाट का


के पी मलिक

पत्रकार से नेता बने आम आदमी पार्टी के नेता आशुतोष ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है क्योंकि पार्टी ने उन्हें राज्यसभा नही भेजा। ऐसी खबरें आ रही थी कि वो काफी समय से पार्टी से नाराज चल रहे थे। सूत्र बताते हैं कि वो समझ रहे थे कि मैं अरविंद केजरीवाल को यूज़ करके सांसद बन जाऊँगा, परन्तु वो केजरीवाल को समझ नही पाये, ये उस केजरीवाल को यूज़ करना चाहते थे, जिसने शान्ति भूषण, प्रशांत भूषण, योगेंद्र यादव, बाबा रामदेव, अन्ना हजारे, स्वामी अग्निवेश और साज़िया इल्मी जैसे सैंकड़ों लोगों के कंधे का प्रयोग बड़े सधे हुए तरीके से किया। और वो तमाम लोग दुध की मक्खी की तरह बाहर हो गए या कर दिये गए। हालांकि बाद में अरविंद केजरीवाल ने आशुतोष का इस्तीफा स्वीकार करने से मना कर दिया।
आशुतोषजी ने मीडिया के मित्रों को निजता का हवाला देते हुए सवाल ना पूछने के लिये कहा है। ये मेरे गले नही उतर रहा है और मुझे ये लिखने के लिए मजबूर होना पड़ा। हमारे मित्र आशुतोष वही व्यक्ति है जो दशकों पहले एक निजी चैनल (आजतक) में काम करते हुए, बीएसपी सुप्रीमो कांशीराम के हुमायूँ रोड स्थित घर मे उनके मीडिया से बात नहीं करने के बावजूद जबरदस्ती उनके ड्राइंग रूम घुस गये थे और थप्पड़ खाने पड़े थे।
और आश्चर्य तब हुआ था पूरे मीडिया से काशीरामजी और बीएसपी का बाइकाट करवाने के कुछ समय बाद ही काशीराम के साथ उड़नखटोले में दिखायी पड़े, पूछने पर बगलें झांकते नज़र आये थे। ये घटना पुराने पत्रकार दोस्तों को याद तो होगी ही। आज आशुतोष एक ऐसे दोहराहे पर खड़े हैं जहां उनकी स्थिति एक तरफ कुआ और दूसरी तरफ खाई जैसी हो गई है।


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