दक्षिण दिल्ली सीट से मुक्केबाज विजेन्दर कांग्रेस के प्रत्याशी


मो. अनस सिद्दीकी
नई दिल्ली। कांग्रेस ने दक्षिण दिल्ली सीट से मुक्केबाज विजेन्दर सिंह को सोमवार रात अपना उम्मीदवार घोषित किया और इसके साथ ही पार्टी ने दिल्ली की सभी सात सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति के प्रभारी मुकुल वासनिक ने एक विज्ञप्ति में बताया कि विजेन्दर सिंह दक्षिण दिल्ली सीट से पार्टी के उम्मीदवार होंगे। पार्टी ने दिन में दिल्ली की छह सीटों के लिए उम्मीदवार घोषित किए थे। इसके साथ ही पार्टी ने लोकसभा चुनाव के लिए अब तक 422 उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं।
टिकेट मिलने के बाद ओलंपिक पदक विजेता विजेंदर सिंह ने कहा कि गंदे सिस्टम को झेलने के बाद उसे दुरूस्त करने की मंशा उन्हें राजनीति में खींच लाई है और जुमलेबाजी की बजाय वह लोगों को न्याय दिलाने के लिए काम करेंगे। ग्यारह साल पहले बीजिंग ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाले पहले भारतीय मुक्केबाज बने विजेंदर पेशेवर सर्किट में भी एशिया पैसीफिक सुपर मिडिलवेट और ओरिएंटल मिडिलवेट खिताब अपने नाम कर चुके हैं। भारतीय मुक्केबाजी के इस पोस्टर ब्वाय को कांग्रेस ने आगामी लोकसभा चुनाव में दक्षिण दिल्ली से बीजेपी के रमेश बिधूड़़ी के खिलाफ उतारा है। इसी सीट पर आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा को टिकट दिया है।
हरियाणा में भिवानी के कालूवास गांव से निकले विजेंदर ने कहा,जिंदगी सरप्राइज से भरी है और मेरे लिये यह नई पारी भी ऐसी ही है। सफल पेशेवर करियर के बीच राजनीति में आने की वजह पूछने पर उन्होंने कहा,गांव से निकला हूं एक ड्राइवर का बेटा हूं और मेरे दादा फौजी थे। एक समय हमारे यहां खाने के लाले होते थे लेकिन मैं यहां तक पहुंचा हूं और मुझे पता है कि सिस्टम कैसा है। मौका मिल रहा है इस गंदे सिस्टम को ठीक करने का, तो क्यों नहीं करूंगा।
पूर्वी दिल्ली से बीजेपी ने पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर को चुनावी मैदान में उतारा है। विजेंदर ने कहा कि राजनीति को युवाओं की और साफ सुथरे प्रतिनिधियों की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आपराधिक रिकार्ड वाले नेता नहीं होने चाहिये जिन पर कई मुकदमे चल रहे हों। राजनीति को साफ सुथरे लोगों की जरूरत है। भगत सिंह ने कहा था कि जब तक युवा राजनीति में नहीं आयेगा, तब तक देश का भला नहीं हो सकता। मैं यहां लोगों की सेवा करने आया हूं।
विजेंदर ने कहा, दिल्ली में महिला सुरक्षा, बेरोजगारी, युवाओं की समस्यायें अहम मसले हैं। इन पर फोकस करूंगा और यही मेरा विजन है। मेरी सोच कांग्रेस से मिलती है और मैं उसके साथ ही काम करना चाहता हूं। एयर स्ट्राइक और पुलवामा हमले समेत राष्ट्रवाद को चुनावी मसला बनाने के सवाल पर पद्मश्री से सम्मानित और राजीव गांधी खेलरत्न पुरस्कार प्राप्त इस मुक्केबाज ने कहा, मैं जुमलेबाजी में नहीं पड़ना चाहता।
आम आदमी को रोटी, कपड़ा, मकान चाहिये और कुछ नहीं। आप उनको सपने ही ऐसे दिखा रहे हैं जो पूरे नहीं हो सकते, तो दुख होता है। न्याय तो अब होगा। जाट गुर्जर बहुल इलाके से चुनाव लड़ रहे विजेंदर भी जाट हैं लेकिन उन्होंने कहा कि वह जातिगत आधार पर राजनीति करने नहीं आये।
उन्होंने कहा, मैं जातिगत राजनीति पर नहीं जाना चाहूंगा। एक खिलाड़ी अपनी जाति के लिये नहीं बल्कि भारत के लिये खेलता है। यह राजनीति का नीचा स्तर है। मेरा फोकस युवाओं और उनकी समस्याओं पर है। लोगों से आसानी से कनेक्ट कर पाना ही मेरी ताकत होगी। उनका मुकाबला बीजेपी के धुरंधर सांसद बिधूड़़ी से है लेकिन अपनी कामयाबी का उन्हें यकीन है।
उन्होंने कहा, लोगों की दुआयें मेरे साथ हैं। मैने रिंग में कभी नहीं देखा कि सामने कौन है और मैं जीतूंगा या नहीं। यहां भी मुझे प्रतिद्वंद्वी का खौफ नहीं है। विजेंदर ने यह भी कहा कि राजनीति में आने के मायने यह नहीं हैं कि वह मुक्केबाजी को अलविदा कह देंगे। उन्होंने कहा,एक खिलाड़ी के तौर पर मेरा करियर चलता रहेगा। मेरा अनुबंध यूएस बॉक्सिंग के साथ है लेकिन मैं ज्यादा से ज्यादा दिल्ली में रहूंगा। खेलों के लिये भी काम करूंगा और कोशिश करूंगा कि युवाओं को ज्यादा मौके मिल सकें।
पार्टी ने पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को उत्तर पूर्वी दिल्ली तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय माकन को नई दिल्ली सीट से चुनाव मैदान में उतारा है। जेपी अग्रवाल को चांदनी चौक सीट से, अरविन्द सिंह लवली को पूर्वी दिल्ली से, महाबल मिश्र को पश्चिमी दिल्ली तथा राजेश लिलोथिया को उत्तर पश्चिमी दिल्ली(सु) सीट से उम्मीदवार बनाया है।


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