कश्मीरियों को गले लगाओगे तो उनके हाथ में पत्थर नही फूल होंगे


पठान ने प्रधानमंत्री, राजनाथ, नक़वी, केजरीवाल को लिखा पत्र

नई दिल्ली। सेंट्रल वक़्फ़ कौंसिल के सदस्य रईस खान पठान नेप्रधानमंत्री, गृहमंत्री,  अल्पसंख्यक मंत्री, जम्मू व कश्मीर के राज्यपाल , दिल्ली के पुलिस कमिश्नर और दिल्ली के मुख्यमंत्री को खत लिखकर कहा है कि हर साल सर्दी के मौसम में हज़ारों की संख्या में कश्मीरी देश के विभन्न  भागों में जा कर रोटी रोज़ी के लिए मज़दूरी करते हैं और कुछ भीख मांगने पर मजबूर होते हैं।

जिस तरह  कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है इसी तरह कश्मीरी भी इस देश के नागरिक हैं। कश्मीर में शांति क़ायम करने का एक यही उपाय है की हम कश्मीरी लोगों के दुख दर्द को समझें और और उन्हें गले लगाएं । मेरा आप से अनुरोध है कि कश्मीरी जिस राज्य में जाये वहां उन्हें राजकीय अतिथि का दर्जा दिया जाये ,उन के खाने पिने का ख्याल रखा जाये ,उन्हें मान सम्मान दिए जाये । जब हम उन के साथ इस तरह का व्यवहार करेंगे तो  मैं दावे के साथ कह सकता हूँ कि कल उन के हाथों में पत्थर के बजाये फूल होंगे । इस तरह से हम नफरत को मुहब्बत में बदल सकते हैं और मेरा सुझाव यह की जिस तरह रेन बसेरे बनाये जाते है उसी तरह उन लोगों के लिए भी अलग से रेन बसेरे बनाये जाये जहाँ सभी आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध हूँ , यह सब लोग एक जगह होंगे तो पुलिस को भी इन्क्वायरी करने में सुविधा होगी , उन लोगों के दिलों में हमारे लिए जो नफरत है उसे इसी तरह से ख़त्म  किया जा सकता ,इस तरह उन के दिलो  से डर भी ख़त्म होगा और जब यह लोग कश्मीर जा कर सरकार के इस काम की सराहना करंगे तो वहां बाक़ी लोगों पर भी इस का असर ज़रूर पड़ेगा ,अगर सरकार ऐसा करेगी तो यह एक सरहनीय क़दम होगा ।


Categories: देश,राजनीति

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