उत्तर प्रदेश में सपा और बसपा का विकल्प बनकर उभरेगी रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया अठावले


मो.अनस सिद्दीकी

नई दिल्ली। रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) आठवले के उत्तर प्रदेश के प्रदेश महासचिव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय अध्यक्ष से मुलाकात की। उत्तर प्रदेश में किस तरह से होगा पार्टी का विस्तार इस पर चर्चा की गई। इस मौके पर आरपीआई (आठवले) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले, पार्टी के उत्तर प्रदेश के प्रदेश महासचिव उमर सलमानी, सहारनपुर से यशपाल सिंह के अलावा दर्जनों वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद थे।
केंद्रीय मंत्री एवं पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामदास आठवले ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि 9 दिसंबर को दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई)आठवले के सभी प्रदेशों के अध्यक्ष एवं महासचिव का एक सम्मेलन बुलाया जाएगा। जिसमें पार्टी के विस्तार एवं नीतियों पर चर्चा के साथ-साथ पार्टी का दायित्व सौंपा जाएगा। श्री आठवले ने यह भी कहा कि मैं चूंकि केंद्र सरकार में मंत्री हूं इसलिए लोग उम्मीद के साथ मुझसे रोजाना सैकड़ों की तादाद में मिलने आते हैं, लेकिन मैं किसी अन्य पार्टी या दल के टिकट की पैरवी नहीं कर सकता। हम केवल अपनी पार्टी का विस्तार और उसकी नीतियों के बारे में लोगों को अवगत कराएंगे। श्री आठवले ने यह भी कहा कि 1 जनवरी 2020 से सदस्यता अभियान राष्ट्रीय स्तर पर चलाया जाएगा। इसमें साधारण सदस्यता ₹10, सक्रिय सदस्यता ₹50 तथा परिचय पत्र के ₹50 अतरिक्त लिए जाएंगे। यह पैसे पार्टी फंड में जमा होंगे और पार्टी फंड से ही खर्च किए जाएंगे।
उत्तर प्रदेश के प्रदेश महासचिव उमर सलमानी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में 2022 में विधानसभा के चुनाव होने हैं। जिसकी अभी से तैयारियां जोर-शोर से शुरू कर दी हैं। उमर सलमानी ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता सपा बसपा से ऊब चुकी है। इसलिए वह अब विकल्प की तलाश कर रही है। कांग्रेस का कोई जनाधार बचा नहीं है। इसलिए दलित मुस्लिम का समीकरण एक नये विकल्प के रूप में उभरकर आएगा। उन्होंने उत्तर प्रदेश में जगह-जगह पार्टी की नीतियों पहुंचाने के लिए कार्यकर्ताओं से सम्मेलन आयोजित करने का आह्वान किया है।
सहारनपुर से पार्टी के वरिष्ठ नेता यशपाल सिंह ने राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले से 1 दिसंबर को सहारनपुर के अंदर विशाल जनसभा को संबोधित करने की गुहार लगाई है। एक दिसम्बर को तकरीबन दस हजार से ज्यादा लोगों की जनसभा में आरपीआई (आठवले) की नीतियों और पार्टी विस्तार के बारे में बताया जाएगा।

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