इंडियन वूमन्स डर्मटोलाॅजिक सोसाइटी (इंडिया) ने महिलाओं को चरम रोग सम्बंधित जागरूक किया


दुर्गाशंकर प्रसाद मिश्रा
नई दिल्ली। इंडियन वूमन्स डर्मटोलाॅजिक सोसाइटी (इंडिया), ने जिसमें प्रख्यात और साथ ही देश भर के नवोदित त्वचा विशेषज्ञ शामिल हैं, महिलाओं को सशक्त बनाने की दृष्टि से, अपनी महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत एक निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया। शक्ति शालिनी, नेहरू नगर में महिलाओं के आश्रय गृह में जाकर महिलाओं को चरम रोग सम्बंधित जागरूक किया।
’इंडियन वूमन्स डर्माटोलॉजिक सोसाइटी’ द्वारा 2018 में यूनाइटेड स्टेस ऑफ अमेरिका में पहली बार डॉ. पर्ल. ई. गिम्स की अध्यक्षता में ’वीमेन शेल्टर’ की पहल की गई थी। आईडब्ल्यूडीए की अध्यक्ष डॉ. रश्मि सरकार ने भारतीय महिलाओं के लिए एक ऐसी ही परियोजना की कल्पना की और इस पहल को वास्तव में वैश्विक बनाया।
आश्रय स्थल पर महिलाओं को त्वचा की देखभाल और दैनिक जीवन में स्वच्छता बनाए रखने के लिए स्वास्थ्य संबंधी टिप्स दिए गए। उन्हें स्टेरॉयड के तर्कहीन उपयोग, काउंटर ड्रग्स के हानिकारक प्रभावों और निष्पक्षता क्रीम और मासिक धर्म स्वच्छता के महत्व के बारे में समझाया गया। उन्हें पौष्टिक आहार के लिए आवश्यक पोषण और खाद्य पदार्थों के बारे में भी शिक्षित किया गया। उन्हें इस ज्ञान को अपने दैनिक जीवन में शामिल करने के साथ-साथ समाज में जागरूकता फैलाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
उन्हें आवश्यक त्वचा देखभाल उत्पादों से युक्त एक अच्छा बैग भी प्रदान किया गया था।
इसके अध्यक्ष डॉ. रश्मि सरकार के नेतृत्व में आईडब्ल्यूडीए का उद्देश्य है कि वंचित महिलाओं के साथ काम करना। उन्हें त्वचा की देखभाल, स्वस्थ पोषण, आत्म देखभाल और सामाजिक कौशल सिखाना। उनके मानसिक और शारीरिक मुद्दों की सार्वजनिक समझ बढ़ाना। उन्हें अपने स्वयं के सर्वश्रेष्ठ संस्करण बनने के लिए सशक्त करें, दोनों अंदर और बाहर।
उसी के लिए शक्ति शालिनी में संस्थापकों ने डॉ. रश्मि सरकार को इस महत्वाकांक्षी परोपकारी पहल के लिए सम्मानित किया। उन्होंने सम्मानित होने के उपरांत कहा कि हमारे पास यहां के निवासियों के साथ बातचीत करने का एक अद्भुत अनुभव वाला दिन था। हम देश भर के अन्य आश्रय घरों के साथ इसी तरह की परियोजनाओं को अपनाएंगे। आईडब्ल्यूडीए यथा संभव जरूरतमंद महिलाओं की मदद और उत्थान करने का प्रयास करेगा। हम त्रैमासिक शिविरों का लक्ष्य बना रहे हैं और इसे सफल बनाने के लिए कड़ी मेहनत करते रहेंगे। हम गरीब और बेसहारा महिलाओं की मदद करना चाहते हैं ताकि वे आत्मविश्वास और आत्म सम्मान की भावना के साथ-साथ जीवन की शुरुआत कर सकें।
डॉ सरकार और उनकी टीम के साथ, डॉ लतिका आर्य, डॉ सोनाली लंगर, डॉ सुरभि सिन्हा, डॉ ऋचा ओझा शर्मा, डॉ अतुला गुप्ता और डॉ पल्लवी ऐलावाडी के साथ डॉ ग्रिम्स ने वैश्विक परियोजना के अवसर पर मौजूद थीं।


Categories: देश,स्वास्थ्य

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