अपराध संवाददाता नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के मोस्ट वांटेड आतंकवादी अब्दुल माजिद बाबा को श्रीनगर से गिरफ्तार किया है। इस आतंकी की गिरफ्तारी पर पुलिस ने दो लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किया गया आतंकी कोर्ट से सजा सुनाए जाने के बाद वर्ष 2015 में अपने दो साथियों के साथ फरार हो गया था, तभी से पुलिस को इसकी तलाश थी। खुफिया सूचना के आधार पर माजिद बाबा को शनिवार शाम श्रीनगर से गिरफ्तार किया गया। करीब डेढ़ माह पहले ही इसके एक साथी आतंकी फय्याज अहमद लोन को भी स्पेशल सेल ने पकड़ा था। पुलिस इससे पूछताछ कर फरार तीसरे साथी बशीर उर्फ पोनू की की जानकारी निकालने में लगी है। स्पेशल सेल के डीसीपी संजीव यादव ने बताया कि पुलिस के हत्थे चढ़ा अब्दुल माजिद 2007 में साथियों के साथ विस्फोटक लेकर दिल्ली आया था। कब केंद्रीय खुफिया इकाइयों से सूचना मिली थी कि जैश-ए- मोहम्मद के पाकिस्तानी कमांडर फारुख कुरैशी ने जम्मू-कश्मीर के एरिया कमांडर हैदर उर्फ डॉक्टर को दिल्ली में बडी आतंकी वारदात को अंजाम देने का निर्देश दिया। इसके लिए बांग्लादेश सीमा के रास्ते भारत में प्रवेश करने वाले पाकिस्तानी आतंकी शाहिद ग फूर, अब्दुल माजिद बाबा, फय्याज अहमद लोन और जैश कमांडर बशीर अहमद पोनू उर्फ मौलवी मालवा एक्सप्रेस ट्रेन पर सवार होकर दिल्ली पहुंचे थे। डीसीपी के अनुसार जैसे ही चारों बैग में हथियार एवं विस्फोटक लेकर दिल्ली के दीनदायाल उपाध्याय मार्ग होते हुए रंजीत सिंह फ्लाईओवर के समीप पहुंचे तो पुलिस ने इन्हें घेर लिया। तब इन्होंने पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी फायरिंग के बाद इन्हें पकड़ा गया। इनके पास से .3 बोर की पिस्लौल, तीन किग्रा विस्फोटक, 50 हजार नकद ओर 10 हजार यूएस डॉलर बरामद हुए। जम्मू-कश्मीर के सोपोर जिले के माग्रेपुरा गांव का रहने वाला आतंकी अब्दुल माजिद बाबा 2007 में अपने दो कश्मीरी साथियों फय्याज अहमद लोन एवं जैश कमांडर बशीर अहमद पोनू उर्फ मौलवी और पाकिस्तानी आतंकी शाहिद गफ्फूर के साथ पकड़ा गया था। इसमें से पाकिस्तानी को तो निचली कोर्ट से ही सजा मिल गई थी लेकिन माजिद, फय्याज और बशीर को बरी कर दिया गया था। इस पर स्पेशल सेल ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया तो तीनों को उम्रकैद की सजा मिली। सजा मिलते ही तीनों फरार हो गए थे। स्पेशल सेल के मुताबिक इन तीनों के फरार होने के बाद दिल्ली उच्च न्यायालय ने इनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। तभी से स्पेशल सेल की टीम लगातार इनकी तलाश में जुटी थी। इस दौरान ही पिछले महीने सेल ने फय्याज अहमद लोन को गिरफ्तार किया था। अब गुप्त सूचना के आधार पर स्पेशल सेल ने श्रीनगर से इस शातिर आतंकी अब्दुल माजिद बाबा को दबोच लिया। स्पेशल सेल आरोपित को लेकर दिल्ली आ रही है। उससे पूछताछ कर अब उसके आतंकी नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा। जम्मू कश्मीर में सीआरपीएफ पर हुए हमले के बाद आतंकियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई में जुटी एजेंसियों ने स्थानीय व केंद्रीय खुफिया इकाइयों की मदद से संदिग्धों की सूची तैयार करनी शुरू की। इस दौरान इस फरार आतंकी के बारे में जानकारी मिली तो सुरक्षा एजेंसियों से इसकी डिटेल साझा किया गया। इसके बाद पुलिस टीम लगातार इसकी गतिविधि पर नजर रखने लगी। इस बीच इसकी गतिविधि की जैसे ही जानकारी मिली, स्पेशल सेल की टीम ने उसे धर दबोचा। पुलिस के हत्थे चढ़ा आतंकी जैश का नेटवर्क खड़ा करने में जुटा था। इसमें खासतौर से कश्मीरी नौजवान उसके निशाने पर थे। वहीं उसके साथ फरार हुए दोनों साथी भी जैश के नेटवर्क का विस्तार करने मे जुटे थे। यह खुलासा मामले की जांच में जुटी स्पेशल सेल की टीम ने किया। हालांकि फरार इन आतंकियों ने जैसे ही पिछले तीन महीने से जैश की जमीन तैयार करने का गुपचुप खेल शुरू किया, पुलिस की नजर में आ गए। इसके बाद पुलिस ने करीब डेढ़ महीने पहले फय्याज को दबोचा। इसके बाद माजिद को भी धर दबोचा।


नाज सिद्दीकी
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रदेश इकाई ने पश्चिमी दिल्ली के बसई दारापुर गांव में छेडखानी का विरोध करने पर हत्या के मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की प्रतिक्रिया नहीं आने पर कड़ा ऐतराज जताया है। प्रदेश भाजपा के नेताओं ने इस मुद्दे पर केजरीवाल की चुप्पी को राजनीतिक करार दिया है।
प्रदेश भाजपा नेताओं ने केजरीवाल को घेरते हुए कहा कि देश-विदेश के हर मुद्दे पर ट्वीट करने वाले आप संयोजक दिल्ली में हुई इतनी बड़ी घटना पर अभी तक मौन क्यों हैं। क्या वोटबैंक की राजनीति के चलते केजरीवाल कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। भाजपा ने कहा कि यह साफ दर्शाता है कि आरोपितों का धर्म देखकर ही आप बोलती है। हत्यारों से इतनी हम दर्दी क्यों? यह बेहद शर्मनाक है।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने मंगलवार ने ट्वीट के माध्यम से कहा कि दुखद, बेहद निंदनीय है। एक पिता ने विरोध किया, अपनी बेटी की गरिमा को बनाए रखने के लिए और एक बहादुर बेटे ने अपने परिवार के प्रति अपना कर्तव्य निर्वहन किया। तिवारी ने कहा कि हमारे समाज में ऐसे दरिंदे गुंडों और शहरी नक्सलवाद का कोई स्थान नहीं हैं। हम सभी को एकजुट होकर इसकी कड़ी निंदा करना चाहिए।
दिल्ली विधानसभा नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि मैं स्तब्ध हूं कि इस प्रकार की घटना सुनकर। ध्रुव राज त्यागी और उनके बेटे पर हमला करने वालों ने उनकी बेटी को परेशान किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को इस घटना पर किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया न करना उनकी ओक्षी राजनीतिक की तरफ इशारा करता है कि केजरीवाल किस प्रकार सत्ता के भूख के लिए अंधे हो गए हैं।
वहीं आप के बागी विधायक कपिल मिश्रा ने केजरीवाल पर तंज कसते हुए कहा कि मोहम्मद आलम और जहांगीर खान ने दिल्ली में एक पिता को बीच सड़क पर मार डाला क्योंकि वो अपनी बेटी को छेडखानी से बचाना चाहता था। लड़की के भाई पर भी जानलेवा हमला किया, हालात ग भीर बनी हुई है। दिल्ली में इतना सन्नाटा क्यों हैं।
उल्लेखनीय है कि दिल्ली के मोती नगर के बसई दारापुर में शनिवार (11 मई) को फब्तियां कसने का विरोध करने पर लड़की के पिता (राजू त्यागी) की बेरहमी से पत्थर और चाकू से हमला कर उनकी हत्या कर दी और लड़की के भाई (अनमोल) पर भी जानलेवा हमला किया गया।


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